Kuber Chalisa

Thursday, May 28, 2026

कुबेर चालीसा

(धन के देवता भगवान कुबेर जी की स्तुति)

दोहा
श्री कुबेर भगवान को, सुमिरन कर मन ध्यान।
संकट हरते भक्त के, देते धन वरदान।।

चौपाई
जय कुबेर धन के अधिकारी,
लंकापति रावण के भ्राता न्यारी।
यक्षराज तुम हो जग स्वामी,
धन दायिनी कृपा के धामी।

शिव कृपा से पद पाया तुमने,
धन संपदा का राज निभाया तुमने।
चंद्रलोक के अधिपति कहलाए,
भक्तों को सुख-समृद्धि दिलाए।

अलक्ष्मी जो बाधा बन आवे,
कुबेर कृपा से तुरंत मिटावे।
मणिग्रीव तेरे दरशन पाए,
स्वर्ण-रत्न सब जग में लुटाए।

धन के स्वामी तुम अद्भुत ज्ञानी,
दीन-दुखी के संकट हारी।
स्मरण करें जो तव नाम प्यारा,
संपत्ति का मालिक वह सारा।

वरमाला तुमको शिव ने पहनाई,
धन के भंडार तुम्हें थमाई।
लंकापति का राज्य बनवाया,
धन का राजा तव नाम आया।

धन-धान्य जो कोई चाहे,
तुम पर श्रद्धा रखे निबाहे।
कुबेर चालीसा गावे जो प्राणी,
उसके घर में रहे सुख दानी।

दोहा
श्री कुबेर भगवान, कृपा करो हे नाथ।
संपत्ति और सुख दें, मिटे कष्ट के पथ।।


 

Shopping Cart

Offering Cart