Rani Sati Dadi Chalisa

Friday, September 25, 2026

रानी सती दादी चालीसा

(रानी सती दादी जी की स्तुति)

दोहा
सुमिरों शक्ति स्वरूपिणी, सती दादी नाम।
करहु कृपा हे मातु, पूरा हो सब काम।।

चौपाई
जय सती ममता मई माता,
शक्ति स्वरूपा जग विख्याता।
सती धर्म की ज्योति जगाई,
पतिव्रता की मिसाल बताई।

राजस्थान की भूमि पावन,
दादी जी का चरित्र है भावन।
झुंझुनू धाम तुम्हारा प्यारा,
भक्त जनों का करता उजियारा।

रानी सती सच्चे मन धारें,
हर दुख संकट सहज ही टारे।
जो जन सुमिरन करें तुम्हारा,
संकट काटे सुख उजियारा।

अद्भुत लीला तव है न्यारी,
दादी जी तुम हो सुखकारी।
तुमने सती धर्म अपनाया,
जग को आदर्श मार्ग दिखाया।

जो भी भक्त करे अरदास,
दादी सुनती उनकी बात।
संकट हरे, घर में खुशहाली,
सच्चे मन से करो दिवाली।

झुंझुनू धाम तुम्हें प्रिय लागे,
जहां भक्त संग अरदास सागे।
दादी चालीसा गावे जो प्राणी,
उसके बिगड़े काम बने न्यानी।

दोहा
रानी सती दादी मां, कृपा करो हे मात।
भक्त तुम्हारे जो पुकारें, पूरी करो हर बात।।


 

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